ग़मों का दौर तो चलता ही रहेगा
ख़ुशी के पिटारे को खोल डालिए
चलिए इस बार भी हैप्पी होली बोल डालिए!
दुश्मनी और दोस्ती तो अंग है जीवन का
इनको पानी में रंगों की तरह घोल डालिए
चलिए इस बार भी हैप्पी होली बोल डालिए!
मोहब्बत की भूख तुम्हे भी है और मुझे भी,
गैरों के दामन पर प्यार के फूल डालिए
चलिए इस बार भी हैप्पी होली बोल डालिए!
मिले न कही ऐसा सुनहरा मौका अगली बार
अपने अहम् को गले मिलकर तोड़ डालिए
चलिए इस बार भी हैप्पी होली बोल डालिए!
बंधनों को तोड़, रिश्तों को जोड़
खुशियों की पतंग छोड़ डालिए
चलिए इस बार भी हैप्पी होली बोल डालिए!
दीवारें तो नाम की है, जरूरत तो अंजाम की है
चेहरे न दिखे रंगों में, ऐसा गुलाल मोल डालिए
चलिए इस बार भी हैप्पी होली बोल डालिए!
छोडिये अब तो नाराजगी मुझसे
एक रंग इश्क का तो बोल डालिए
चलिए इस बार भी हैप्पी होली बोल डालिए!
कोशिश है एक, बुरा न मानो होली है
बुरा लगे तो बोल डालिए
चलिए इस बार भी हैप्पी होली बोल डालिए!
राजीव रोशन
२५/०३/२०१३
प्रेरणा स्रोत हैं - मेरे प्यारे मित्रगण
यह कविता मेरे सभी मित्रों समर्पित है। इस शब्द के साथ की "बुरा ना मनो होली है", होली की दिल से हार्धिक बधाई एवं शुभकामनाएं !!!!!!!!!!
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